जोमैटो-ब्लिंकिट ने बनाया रिकॉर्ड,75 लाख से ज्यादा ऑर्डर डिलीवर

जोमैटो-ब्लिंकिट ने बनाया रिकॉर्ड,75 लाख से ज्यादा ऑर्डर डिलीवर

नए साल की पूर्व संध्या पर पार्टी का मूड बनाए रखने के लिए लाखों लोग फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स ऐप्स पर निर्भर थे। इस बीच जोमैटो और उसकी क्विक कॉमर्स यूनिट ब्लिंकिट ने बड़ा रिकॉर्ड कायम किया है। कंपनी ने 31 दिसंबर को 75 लाख से ज्यादा ऑर्डर सफलतापूर्वक डिलीवर किए, जो दोनों प्लेटफॉर्म्स का अब तक का सबसे ऊंचा सिंगल-डे वॉल्यूम है।

एटरनल कंपनी (जो जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट है) के सीईओ दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया पर इस उपलब्धि की जानकारी दी। उनके अनुसार, 4.5 लाख से अधिक डिलीवरी पार्टनर्स ने मिलकर 63 लाख ग्राहकों तक ऑर्डर पहुंचाए। गोयल ने कहा कि यह रिकॉर्ड बिना किसी अतिरिक्त इंसेंटिव के हासिल किया गया – न्यू ईयर ईव पर सामान्य से ज्यादा पेआउट तो दिए गए, लेकिन यह पिछले सालों की तरह ही था।

हालांकि यह सफलता उस समय आई जब गिग वर्कर्स यूनियंस ने देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था। यूनियंस ने डिलीवरी पार्टनर्स से ऐप्स बंद करने और काम न करने की अपील की थी। दिसंबर में ही 25 दिसंबर को हुई हड़ताल में कई शहरों में 50-60% डिलीवरी प्रभावित हुई थीं। यूनियन नेताओं का दावा है कि न्यू ईयर ईव पर भी हजारों-लाखों वर्कर्स ने हड़ताल में हिस्सा लिया, लेकिन कंपनी का कहना है कि ऑपरेशंस पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। गोयल ने लोकल पुलिस का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने कुछ शहरों में व्यवस्था बनाए रखने में मदद की।

यूनियंस की ओर से क्या शिकायतें?

गिग वर्कर्स यूनियंस जैसे इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) और तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) लंबे समय से बेहतर वेतन, सुरक्षा, सोशल सिक्योरिटी और 10-मिनट डिलीवरी मॉडल को खत्म करने की मांग कर रही हैं। उनका आरोप है कि बेस पे कम हो रहा है, एल्गोरिदम से काम का दबाव बढ़ रहा है और दुर्घटना-बीमा जैसी सुविधाएं अपर्याप्त हैं। कुछ यूनियन नेताओं ने कंपनी के रिकॉर्ड दावों को “प्रोपगैंडा” बताया और कहा कि हाई इंसेंटिव सिर्फ एक दिन के लिए दिए गए थे, जो स्थायी समाधान नहीं है।

कंपनी का पक्ष दीपिंदर गोयल ने कहा कि अगर गिग इकोनॉमी अनुचित होती तो लाखों लोग इसमें काम नहीं करते। उन्होंने डिलीवरी पार्टनर्स से सीधे बात करने की सलाह दी और कहा कि ज्यादातर पार्टनर्स ने हड़ताल में हिस्सा नहीं लिया। ब्लिंकिट की तेज डिलीवरी के बारे में गोयल ने स्पष्ट किया कि औसतन ऑर्डर पिक एंड पैक 2.5 मिनट में होता है और डिलीवरी डिस्टेंस सिर्फ 2 किलोमीटर के आसपास रहती है, जिससे स्पीड पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता।

यह घटना भारत की तेजी से बढ़ती गिग इकोनॉमी की दो तस्वीरें पेश करती है – एक तरफ ग्राहकों के लिए सुविधा और रिकॉर्ड बिजनेस, दूसरी तरफ डिलीवरी पार्टनर्स की मेहनत और उनकी मांगें। आने वाले दिनों में देखना होगा कि क्या सरकार या प्लेटफॉर्म्स इन मुद्दों पर कोई ठोस कदम उठाते हैं।

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