अशनीर ग्रोवर की सफलता की कहानी

अशनीर ग्रोवर की सफलता की कहानी

अशनीर ग्रोवर भारतीय स्टार्टअप जगत की एक बड़ी और विवादास्पद शख्सियत हैं। वे भारतपे (BharatPe) के सह-संस्थापक और पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जिन्होंने एक छोटे आइडिया को यूनिकॉर्न कंपनी बना दिया। उनकी कहानी मेहनत, महत्वाकांक्षा, साहस और चुनौतियों से भरी हुई है। आइए जानते हैं उनकी प्रेरक सफलता की कहानी।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

अशनीर ग्रोवर का जन्म 14 जून 1982 को दिल्ली में एक शिक्षित मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनके पिता चार्टर्ड अकाउंटेंट और मां टीचर थीं। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थे। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया और डिपार्टमेंट में दूसरा रैंक हासिल किया। तीसरे साल वे फ्रांस के INSA Lyon में एक्सचेंज प्रोग्राम पर गए। इसके बाद 2006 में उन्होंने आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए पूरा किया। उनकी मजबूत शिक्षा ने उन्हें बिजनेस की दुनिया में मजबूत आधार दिया।

करियर की शुरुआत

अशनीर ने अपना करियर 2006 में कोटक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग से शुरू किया, जहां उन्होंने 7 साल काम किया और कई बड़े डील्स हैंडल किए। फिर वे अमेरिकन एक्सप्रेस में कॉर्पोरेट डेवलपमेंट के डायरेक्टर बने। 2015 में वे ग्रोफर्स (अब Blinkit) के सीएफओ बने और कंपनी को बड़ा ग्रोथ दिया, $170 मिलियन फंडिंग रेज की। 2017 में वे पीसी ज्वेलर में न्यू बिजनेस हेड बने। इन नौकरियों से उन्हें फाइनेंस, पेमेंट्स और स्टार्टअप की गहरी समझ मिली।

भारतपे की सफलता

2018 में अशनीर ने शाश्वत नक्रानी और भाविक कोलाडिया के साथ भारतपे की सह-स्थापना की। भारतपे का आइडिया सरल लेकिन क्रांतिकारी था – छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के लिए एक सिंगल QR कोड जो सभी UPI ऐप्स (जैसे PhonePe, Google Pay) से पेमेंट एक्सेप्ट कर सके, बिना किसी चार्ज के। इससे ऑफलाइन मर्चेंट्स को डिजिटल पेमेंट आसान हो गया।

अशनीर की आक्रामक लीडरशिप और मार्केटिंग स्ट्रैटजी से कंपनी तेजी से बढ़ी। उन्होंने मर्चेंट लोन और कार्ड स्वाइप जैसी सर्विसेज जोड़ीं। सिर्फ 3-4 साल में भारतपे यूनिकॉर्न बन गई, वैल्यूएशन $3 बिलियन (लगभग 22,000 करोड़ रुपये) तक पहुंची। एक बार जब कंपनी की वैल्यूएशन $30 मिलियन थी, तब गूगल पे ने $50 मिलियन में खरीदने का ऑफर दिया, लेकिन अशनीर ने मना कर दिया क्योंकि वे बड़ा सपना देख रहे थे।

शार्क टैंक इंडिया सीजन 1 में जज बनकर अशनीर पूरे देश में फेमस हो गए। उनकी बेबाक और सीधी बातें लोगों को पसंद आईं।

चुनौतियां और विवाद

सफलता के साथ चुनौतियां भी आईं। 2022 में भारतपे में फाइनेंशियल अनियमितताओं के आरोप लगे। एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई जिसमें वे कथित तौर पर गाली-गलौज कर रहे थे। बोर्ड ने जांच शुरू की और अशनीर तथा उनकी पत्नी माधुरी जैन को कंपनी से हटा दिया। अशनीर ने इस्तीफा दे दिया। लंबे कानूनी विवाद के बाद 2024 में सेटलमेंट हुआ – अशनीर का कंपनी से कोई संबंध नहीं रहा और शेयर्स फैमिली ट्रस्ट में ट्रांसफर हुए।

आगे की राह

विवादों के बावजूद अशनीर नहीं रुके। उन्होंने किताब “Doglapan” लिखी, जो स्टार्टअप लाइफ की सच्चाई बताती है। वे नए वेंचर्स जैसे CrickPe (फैंटसी क्रिकेट ऐप) और Third Unicorn में लगे हैं। उनकी नेट वर्थ लगभग 700-800 करोड़ रुपये है।

अशनीर ग्रोवर की कहानी सिखाती है कि सपने बड़े देखो, रिस्क लो, लेकिन मेहनत और ईमानदारी से आगे बढ़ो। चुनौतियां आएंगी, लेकिन हार नहीं माननी चाहिए। वे लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं कि एक आइडिया कैसे अरबों की कंपनी बना सकता है।

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